भारतवर्ष की संस्कृति में गौ माता को आदिकाल से पूजनीय स्थान प्राप्त है। यही परंपरा आज भी जीवित रखने का कार्य कर रहा है श्री हरिः राधामाधव कामधेनू सेवा ट्रस्ट (चुरू)।
ट्रस्ट का उद्देश्य केवल बेसहारा और निराश्रित गौवंश को आश्रय देना ही नहीं है, बल्कि उन्हें पोषण, चिकित्सा और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना भी है। वर्तमान समय में जब गोवंश उपेक्षा और संकट का सामना कर रहा है, तब यह ट्रस्ट आशा की किरण बनकर सामने आया है।
चुरू की पावन भूमि पर स्थित खारिया गोशाला में सैकड़ों वृद्ध, अशक्त और बेसहारा गौवंश की सेवा प्रतिदिन की जाती है। यहाँ गौमाता के लिए घास-चारा, पौष्टिक आहार और औषधियों की व्यवस्था की जाती है।
ट्रस्ट का संकल्प है कि कोई भी गौवंश भूखा, असहाय या बेसहारा न रहे। इसके लिए समाज के हर गोभक्त को इसमें सहयोग करने की प्रेरणा दी जाती है।
गौसेवा ही गोभक्ति है – इसी भावना के साथ यह ट्रस्ट राष्ट्रव्यापी गोसेवा महाअभियान की धुरी बन चुका है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

